पौधारोपण कर सतत सिंचाई, देख-रेख और निगरानी का दिख रहा परिणाम
सूर्यांश धाम खोखरा में गुलमोहर के पेड़ो में खिलने लगे हैं फूल

सूर्यांश सामूहिक आदर्श गौरव विवाह” में वैवाहिक जोड़ों को पौधारोपण करने की दिलाते हैं शपथ
जांजगीर चाम्पा। रिपोर्ट कृष्णा टण्डन। सूर्यांश शिक्षा उत्थान समिति” समाज में शिक्षा और सामाजिक कल्याण के साथ पर्यावरण संचेतना और पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सूर्यांश शिक्षा उत्थान समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष वृहद पौधारोपण किया जाता है। सूर्यांश प्रांगण सिवनी (नैला) में लगाये गये पौधे अब धीरे-धीरे वृक्ष का रूप धारण कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष बरसात के शुरुआत में पौधरोपण किया जाता है। सूर्यांश धाम खोखरा में विगत वर्षों में वृहद स्तर पर पौधारोपण अभियान के तहत छायादार, फूलदार एवं फलदार पौधों का रोपण किया गया है। पौधारोपण के पश्चात उसकी सुरक्षा के लिए कांटेदार तार का घेरा किया गया है। सूर्यांश धाम खोखरा में लगे छायादार, फूलदार एवं फलदार पौधों को सूर्यांश धाम के संरक्षकों हरदेेव टंडन एवं प्रो. गोवर्धन सूर्यवंशी द्वारा भीषण गर्मी एवं नवतपा में भी निरंतर सिंचाई और पानी दिया जा रहा है। सूर्यांश धाम खोखरा में पीपल, बरगद, नीम, जामुन, अमरूद, गुलमोहर, करंज, दूधमोंगरा एवं कनेर सहित अन्य फूलदार एवं फलदार पौधों का रोपण किया है जो अपने आकार में निरंतर बढ़ोतरी कर अब फूल देने लगे हैं! गुलमोहर के पेड़ो पर फूल खिलना एक सुखद अहसास कराता है।
समाज में शिक्षा और पर्यावरण जागरूकता के लिए निरंतर कार्य करने वाले सूर्यांश शिक्षा उत्थान समिति के संरक्षक एवं शिक्षाविद प्रो. गोवर्धन सूर्यवंशी “विश्व पर्यावरण दिवस” पर अपने संदेश में कहते हैं-
“शिक्षा और समाज कल्याण के साथ हम पर्यावरण संचेतना और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहे हैं इसलिए हम प्रत्येक वर्ष सूर्यांश प्रांगण सिवनी एवं सूर्यांश धाम खोखरा में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण कर रहे हैं। रोपे गए एक-एक पौधे और पेड़ों का संरक्षण करने का संकल्प लेकर हम उन्हें संरक्षित कर रहे हैं। पर्यावरण जागरूकता और संचेतना के लिए “सूर्यांश सामूहिक आदर्श गौरव विवाह” में प्रत्येक वैवाहिक जोड़ों को पौधारोपण करा शपथ दिलाते हैं ताकि महोत्सव में उपस्थित आम जनता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज के अंतिम पंक्ति तक पहुंचाया सके – प्रो. गोवर्धन सूर्यवंशी” (संरक्षक- सूर्यांश शिक्षा उत्थान समिति)
विश्व पर्यावरण दिवस पर अपने संदेश में सूर्यांश शिक्षा उत्थान समिति के संरक्षक हरदेव टंडन कहते हैं-
“शिक्षा के साथ पर्यावरण संचेतना और पर्यावरण संरक्षण का कार्य कर धरती मां को हरा भरा करना हम सभी का दायित्व है। जांजगीर जैसे मैदानी जिला जहां पर वनों की संख्या अत्यंत कम है वहां पर पौधारोपण कर उनका संरक्षण एवं संवर्धन करना हमारी पहली प्राथमिकता है ताकि बदलते परिवेश के अनुरूप अधिक से अधिक पौधा रोपण किया जा सकें- हरदेेव टंडन” (संरक्षक- सूर्यांश शिक्षा उत्थान समिति )




