सूर्यांश शिक्षा महामहोत्सव 2025 के मुख्य अतिथि होंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,,
"26 दिसंबर को समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नागरिक अलंकरण में करेंगे विशिष्ट हस्तियों का सम्मान"

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित विधायकों एवं अन्य जन प्रतिनिधियों को किया आमंत्रित
जांजगीर चाम्पा। रिपोर्ट कृष्णा टंडन। – पांच दिवसीय सूर्यांश शिक्षा महामहोत्सव का आयोजन 23 से 27 दिसंबर तक किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री माननीय विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य में आयोजित महामहोत्सव में विशिष्ट आतिथ्य के लिए जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, व्यास कश्यप जांजगीर चांपा, श्रीमती शेषराज हरबंश विधायक, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, जिला पंचायत बिलासपुर के अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, श्रीमती रेखा गढ़वाल, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद जांजगीर, छबि लाल सूर्यवंशी, नगर पंचायत अध्यक्ष सारागांव सहित जिले के समस्त जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न पदाधिकारी को आमंत्रित किया जा रहा है। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला के अगुवाई में विगत दिनों मुख्यमंत्री माननीय विष्णुदेव साय को एक प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर में मुलाकात कर आमंत्रित किया जिनमें जिला पंचायत बिलासपुर के अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, जिला पंचायत बिलासपुर के सभापति श्रीमती अरुणा चंद्रप्रकाश सूर्या, सूर्यवंशी समाज बिलासपुर के अध्यक्ष नंदकिशोर डहरिया, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सूर्या के साथ ताराचंद रत्नाकर, धनी राम सूर्या, अनुज प्रधान, ओम सूर्या, शशि कांत लसार, आर एस टाइगर, राम लखन रत्नाकर, सत्यम भवानी, लुकेश सूर्यवंशी और चित्रेश परिहार
सहित अन्य सदस्य प्रतिनिधि मंडल मे शामिल थे।

इसके साथ ही प्रतिनिधि मंडल ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू एवं पंडरिया विधायक भावना बोहरा से मुलाकात कर उन्हें सूर्यांश शिक्षा महा महोत्सव 2025 के लिए आमंत्रित किया एवं स्थानीय स्तर पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, पूर्व सांसद कमला देवी पाटले, जिला अध्यक्ष अंबेश जांगड़े, जांजगीर विधायक व्यास कश्यप को भी प्रतिनिधि मंडल ने सूर्यांश शिक्षा महा महोत्सव के लिए आमंत्रण दिया। प्रतिनिधि मंडल मे मोतीलाल डहरिया, रमेश पैदावार, रविशंकर सूर्यवंशी, हरदेव टंडन, हेमंत पैगवार, संतोष गढेवाल, शुक्ला प्रसाद सूर्यवंशी, कन्हैया लाल सूर्यवंशी, अशोक चौरसिया एवं महेश खरे सहित अन्य सदस्य शामिल थे।

महामहोत्सव के प्रथम दिवस 23 दिसंबर को मेडिकल मेगा कैंप का आयोजन किया गया है जिसमें विभिन्न बीमारियों के चिकित्सक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर के लिए उपलब्ध रहेंगे। जिला मुख्यालय के चिकित्सकों के अलावा बिलासपुर, कोरबा एवं रायपुर के मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पतालों के विशेषज्ञ भी निशुल्क चिकित्सा सेवा प्रदान करेंगे।
द्वितीय दिवस 24 दिसंबर को भव्य शुभारंभ एवं नागरिक अलंकरण सम्मान समारोह के पश्चात कैरियर मार्गदर्शन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा जिसमें विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इसी दिन शाम छह बजे से अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया है। जिसमें प्रसिद्ध जसगीत गायक एवं गीतकार दिलीप षड़ंगी रायगढ़ से, गीतकार मीर अली “मीर” रायपुर से, हास्य व्यंग्य के सशक्त हस्ताक्षर राजेंद्र मौर्य बिलासपुर से, हास्य व्यंग्य के कवि शशिभूषण ‘स्नेही’ बिलाईगढ़ से, श्रृंगार की सुप्रसिद्ध कवियित्री संतोषी महंत ‘श्रद्धा’ कोरबा से और शायर अनीस अरमान सक्ती से, सुरीले गीतकार उमाकांत टैगोर कन्हाईबंद जांजगीर से, समकालीन कविता के कवि प्रो. गोवर्धन सूर्यवंशी बतौली (सरगुजा) से, ‘सबरस’ के कवि संतोष प्रधान कचंदा बाराद्वार से, ओज के कवि डॉ. यशवंत “यश” सूर्यवंशी दुर्ग से कविता पाठ करेंगे। कवि सम्मेलन का संयोजन एवं संचालन राष्ट्रीय कवि संगम जाँजगीर के जिला अध्यक्ष कवि सुरेश पैगवार करेंगे।
महामहोत्सव के तृतीय दिवस 25 दिसंबर को जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों के द्वारा कैरियर मार्गदर्शन का आयोजन किया गया है। इसके पश्चात सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन किया गया है जिसमें महामहोत्सव स्थल पर सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन दो श्रेणियों में होगा प्रथम कनिष्ठ श्रेणी में कक्षा छठवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थी एवं द्वितीय स्नातक स्तर के प्रतिभागी सहभागिता करेंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके बाद प्रतिभा सम्मान, युवा सम्मेलन, शारीरिक सौंदर्य एवं सौष्ठव प्रतियोगिता, परिवार परिचय, सम्मान समारोह एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रस्तुतीकरण होगा।
महामहोत्सव के चतुर्थ दिवस 26 दिसंबर को समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से विशाल शिक्षा एवं संस्कार शोभायात्रा का आयोजन किया गया है। इस वर्ष “शिक्षा एवं संस्कार शोभायात्रा” “सूर्यांश धाम खोखरा” से निकल कर महा महोत्सव स्थल “सूर्यांश विद्यापीठ, सूर्यांश धाम- सिवनीं” तक पहुंचेगी जिसमें समाज में शिक्षा का अलख जगाने वाले पंच परमेश्वरों की झांकी सात सफेद घोड़ों पर आरूढ़ होकर शहर के मुख्य मार्गों से होकर महामहोत्सव स्थल सिवनी पहुंचेगे। महामहोत्सव स्थल पर समाज के युवक-युवतियों का आदर्श सामूहिक विवाह किया जाएगा। महामहोत्सव की अंतिम दिवस 27 दिसंबर को समापन समारोह के अंतर्गत सूर्यांश साधको एवं कार्यकर्ताओं के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया है जिसमें उत्कृष्ट कार्य करने वाले सूर्यांश साधकों को सम्मानित किया जाएगा। उक्ताशय की जानकारी देते हुए प्रो. गोवर्धन सूर्यवंशी एवं हरदेव टंडन ने बताया कि 23, 24, 25, 26 एवं 27 दिसंबर को आयोजित महामहोत्सव का प्रचार प्रसार गांव-गांव में किया जा रहा है। महामहोत्सव स्थल पर विभिन्न स्टालों के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा के नवाचारी गतिविधियों एवं शासन की अनेक योजनाओं को प्रदर्शित करने वाले स्टाल लगाया जाता है। महामहोत्सव स्थल का सौंदर्यीकरण उड़ीसा एवं स्थानीय कलाकारों सहित कई राज्यों के कलाकारों के द्वारा किया जा रहा है।



