ग्राम पिथमपुर में लापरवाही से गौठान बना कब्रगाह भूख प्यास से तड़प रही गौ माताएं सात से आठ गौ माता मृत पायें गये,,,
पशु विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर,,

ग्राम पिथमपुर में लापरवाही से गौठान बना कब्रगाह भूख प्यास से तड़प रही गौ माताएं सात से आठ गौ माता मृत पायें गये,,,
जांजगीर चांपा। रिपोर्ट लोकनाथ साहू। छत्तीसगढ़ में गौ माता आस्था, कृषि और अर्थव्यवस्था की त्रिवेणी संगम रही हैं. लेकिन विडंबना यह है कि यही गौ माताएं अपेक्षा, भूख और पीड़ा का प्राय बन चुकी हैं. एक ओर राज्य के मुख्यमंत्री इन्हें जल्द ही ‘राज्य माता’ का दर्जा दिलाने कैबिनेट में प्रस्ताव रखने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर हकीकत यह है कि गौठानों में गायों को अभिशाप झेलना पड़ रहा है। एक और गंभीर मामला जांजगीर चांपा ज़िले के ग्राम पिथमपुर में देखने को मिला जहां ग्राम पंचायत पिथमपुर के उप सरपंच कुमार यादव के मनमानीपूर्ण रवैया के चलतें गौठान में सात से आठ गौ माताएं भूख प्यास में बिना किसी व्यवस्था के कारण गौठान में गौ माताएं मृत पायें गये। जानकारी मिलने पर गौ सेवा धाम हथनेवरा के युवकों ने मौक़े पर जाकर मृत्यू की कारण जानने का प्रयास किया तो उप सरपंच का बड़बोलापन देखने को मिला जहां शिकायत करना है कर देना ऐसे बयान दे कर फोन काट दिया , फिर ग्राम के सरपंच रुपाजंली धर्मेंद्र उदासी से युवाओं ने बात कर पूछताछ किया जिसमें पता चला की सरपंच के निर्देश देने पर भी और बार-बार कहने पर भी गौठान से गौ माताओं कों मुक्त नहीं किया और अपनी मनमर्जी दिखाते हुए सरपंच को अपना वर्चस्व दिखानें लगा। आखिर इतनी गौ माताओं की मृत्यू के पीछे कौन जिम्मेदार है ? जब फ़सल कट गया है तो ग्राम पंचायत की गौठानो से गौ माताओं को आजाद करना चाहिए था स्पष्ट दिखाई पड़ रहा है यह ग्राम पंचायत की सरासर लापरवाही है और उप सरपंच की ज़िद्दीपन का नतीज़ा है। प्रशासन को इस मामले का पूरी जानकारी लेना चाहिए संज्ञान लेना चाहिए और आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई का आदेश देना चाहिए।




