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मिल गया ईरानी नस्ल का बेशकीमती सफेद घोड़ा, चोर ने डेढ़ लाख में दिया था बेच, कहा- पहले मैं…

जुल्जना घोड़ा लंबे समय से कर्बला क्षेत्र में रखा गया था और धार्मिक आयोजनों से जुड़ा हुआ था. यह घोड़ा न सिर्फ आर्थिक रूप से कीमती है, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व माना जाता है. जब लोगों को घोड़ा गायब होने की जानकारी मिली तो तुरंत आसपास तलाश की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका था.

लखनऊ: यूपी की राजधानी में एक घोड़े को ढूंढने के लिए पुलिस से लेकर आमजन तक लग गए थे. हर कोई इस घोड़े को ढूंढकर निकाल लाना चाहता था. वजह थी खोजने वाले को एक खास बड़ा इनाम मिलना. दरअसल, ये कोई आम घोड़ा नहीं है बल्कि बेहद ही बेशकीमती है. हालांकि, अच्छी खबर यह है कि ईरानी नस्ल का शिया समुदाय की धार्मिक आस्था से जुड़ा चोरी हुआ जुल्जना (घोड़ा) आखिरकार मिल गया है. साथ ही आरोपी को भी हिरासत में ले लिया है. आइए जानते हैं पूरा मामला…

यह है मामला
चोरी की यह घटना लखनऊ के तालकटोरा क्षेत्र में कर्बला से सामने आई थी. घोड़ा चोरी होने पर स्थानीय लोगों और धार्मिक संगठनों में रोष था. पुलिस को भी चोरी होने की शिकायत की गई थी. साथ ही घोड़ा खोजने वाले को एक इनाम देने का ऐलान किया गया था. जानकारी के अनुसार, ज़ुल्जना घोड़ा लंबे समय से कर्बला क्षेत्र में रखा गया था और धार्मिक आयोजनों से जुड़ा हुआ था. यह घोड़ा न सिर्फ आर्थिक रूप से कीमती है, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व माना जाता है. जब लोगों को घोड़ा गायब होने की जानकारी मिली तो तुरंत आसपास तलाश की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका था. ईरानी नस्ल का कीमती घोड़ा चोरी इसके बाद पूरे मामले की सूचना तालकटोरा थाने को दी गई. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. जांच के दौरान सामने आया कि चोरी की पूरी वारदात कैमरों में कैद हो गई है. फुटेज में एक शख्स घोड़ा ले जाते हुए दिखाई दिया था.

डेढ़ साल पहले आया घोड़ा
ईरानी नस्ल का ये घोड़ा करीब 1.5 साल पहले उत्तराखंड से लाया गया था. इसकी कीमत उस समय 4.5 लाख की थी. अब लखनऊ से चोरी होने वाला ईरानी नस्ल का घोड़ा बरामद हो गया है. उसे उन्नाव के पास मौरांवा गांव से सही सलामत बरामद किया गया है. वहीं घोड़ा चोरी का आरोपी सलमान उर्फ छोटू को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. बताया जा रहा है कि पूछताछ में उसने बताया कि पहले वो घोड़ा मालिक के घर पर काम करता था. वही उसकी देखभाल करता था. उसे पता था कि घोड़ा कितना कीमती है. चुराने के बाद उसने घोड़े को डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया था.

5 लाख शिया थे गम में
सैयद फैजी ने बताया कि 24 दिसंबर को जब से घोड़ा गायब हुआ था. तबसे 5 लाख शिया समुदाय में गम की लहर थी. दुलदुल घोड़ा गायब होने के बाद शिया समुदाय के लोग बेहद मायूस थे. दुलदुल घोड़े के लिए मस्जिदों में दुआ हो रही थी. इस दुआ का यह असर है कि लगभग 5 दिन बाद या घोड़ा सही सलामत बरामद हो गया है. दुलदुल घोड़े को उन्नाव से पूरी सुरक्षा के साथ वापस लखनऊ तालकटोरा कर्बला लाया गया. उसी अस्तबल में उसे रखा गया है जो खास दुलल के लिए तैयार किया गया था.

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