चांपा थाना अभिरक्षा में आरोपी की मौत, परिजनों ने किया थाना घेराव,,
पुलिस पर मारपीट का आरोप, मामले में संलिप्त पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने और मुआवजे की मांग

चांपा थाना अभिरक्षा में आरोपी की मौत, परिजनों ने किया थाना घेराव,,
पुलिस पर मारपीट का आरोप, मामले में संलिप्त पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने और मुआवजे की मांग
जांजगीर-चांपा। रिपोर्ट कृष्णा टण्डन। चांपा थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। महुआ शराब से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए गए मेहंदीपारा निवासी शिव साहिस उर्फ गुल्लू की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और मोहल्लेवासियों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग चांपा थाना पहुंच गए और थाना घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया।
गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी तबीयत
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने शिव साहिस को महुआ शराब से संबंधित मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद रात में उसकी तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस द्वारा उसे उपचार के लिए शासकीय बीडीएम अस्पताल चांपा में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान सुबह उसकी तबीयत अधिक बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किए जाने की जानकारी है। हालांकि, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने लगाया पुलिस पर मारपीट का आरोप
शिव साहिस की मौत के बाद परिजनों और मोहल्लेवासियों में भारी आक्रोश देखा गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि शिव के साथ गिरफ्तारी के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट की गई थी और पुलिस अभिरक्षा में उसकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने मामले में दो पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने तथा मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
हालांकि, पुलिस पर लगाए गए मारपीट के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगा।
थाना परिसर में जुटी भीड़
घटना के बाद चांपा थाना परिसर के आसपास बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। स्थिति को देखते हुए नगर के जनप्रतिनिधि और प्रबुद्ध नागरिक भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।
जांच के बाद सामने आएगा मौत का सच
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि गिरफ्तारी के बाद शिव साहिस की तबीयत किन परिस्थितियों में बिगड़ी और उसकी मौत का वास्तविक कारण क्या रहा?
मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड, पुलिस अभिरक्षा के दौरान की परिस्थितियों और अन्य तथ्यों की जांच बेहद महत्वपूर्ण होगी। जांच के निष्कर्ष के बाद ही पुलिस पर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग जोर पकड़ रही है।





