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ACB ग्रुप की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से कोरबा कलेक्टर कार्यालय के समक्ष धरना, कलेक्टर के माध्यम से शासन को सौंपा ज्ञापन

3 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री के रायपुर आगमन पर काले झंडे दिखाकर विरोध कर; कोयला लिंकेज, रिजेक्ट कोल, कोलवाशरी विस्तार, पावर प्लांट के कोयला की एवं प्रदूषण की उच्चस्तरीय जांच की मांग

ACB ग्रुप की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से कोरबा कलेक्टर कार्यालय के समक्ष धरना, कलेक्टर के माध्यम से शासन को सौंपा ज्ञापन

3 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री के रायपुर आगमन पर काले झंडे दिखाकर विरोध कर; कोयला लिंकेज, रिजेक्ट कोल, कोलवाशरी विस्तार, पावर प्लांट के कोयला की एवं प्रदूषण की उच्चस्तरीय जांच की मांग

कोरबा। रिपोर्ट कृष्णा टण्डन। ACB ग्रुप, उसकी संबद्ध कोलवाशरियों, रिजेक्ट कोल आधारित पावर प्लांटों, कोयला लिंकेज, पर्यावरणीय प्रदूषण तथा SECL से संबंधित गंभीर जनहित शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के विरोध में आज दिनांक 30 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनाधिकार पार्टी, छत्तीसगढ़ द्वारा कलेक्टर कार्यालय, कोरबा के समक्ष शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया। आंदोलन के माध्यम से जिला प्रशासन के जरिए शासन को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच, CBI जांच एवं संयुक्त विशेष जांच दल (SIT) के गठन की मांग की गई।

पार्टी के अध्यक्ष/संयोजक दीपक दुबे ने कहा कि ACB ग्रुप एवं उससे संबंधित विभिन्न कोलवाशरियों और पावर प्लांटों के संबंध में लंबे समय से केंद्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, नियामक संस्थाओं तथा जांच एजेंसियों के समक्ष शिकायतें प्रस्तुत की जा रही हैं। शिकायतों में कोलवाशरी की स्वीकृत क्षमता एवं विस्तार, कोयला लिंकेज से प्राप्त उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की मात्रा एवं उपयोग, रिजेक्ट कोल और मिडलिंग्स की वास्तविक मात्रा, कोयला लेखांकन, Material Balance, पावर प्लांटों में ईंधन उपयोग, बिजली उत्पादन तथा पर्यावरणीय अनुपालना की जांच की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि जिस कोलवाशरी से रिजेक्ट कोल निकलता है और जिस पावर प्लांट में उस रिजेक्ट कोल के उपयोग का दावा किया जाता है, उन दोनों के रिकॉर्ड का आमने-सामने मिलान क्यों नहीं कराया जा रहा है? कोयले की प्राप्ति से लेकर वाशरी में प्रोसेसिंग, स्वच्छ कोयले, मिडलिंग्स, रिजेक्ट कोल, स्लरी, परिवहन और पावर प्लांट में वास्तविक खपत तक संपूर्ण हिसाब सामने आना चाहिए। धरना को संबोधित करते हुए किसान श्रमिक नेता कमल साव ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतें, अभ्यावेदन एवं ज्ञापन प्रस्तुत करने के बावजूद शिकायतों में उठाए गए प्रमुख प्रश्नों पर ठोस एवं पारदर्शी कार्रवाई की जानकारी नहीं मिल रही है। उनके अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि शासन-प्रशासन शिकायतों पर अपेक्षित गंभीरता से कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि जनता के सामने केवल पत्राचार और शिकायत अग्रेषित करने की जानकारी नहीं, बल्कि वास्तविक जांच और उसके निष्कर्ष आने चाहिए। युवा नेता युवा मोर्चा प्रदेश संयोजक संजय रत्नाकर महामंत्री शैलेन्द्र गोपाल ने कहा कि जांच के प्रमुख रूप से ACB ग्रुप की विभिन्न कोलवाशरियों की स्वीकृत क्षमता और वास्तविक उत्पादन कितना है?, कोयला लिंकेज के अंतर्गत प्राप्त उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की वास्तविक मात्रा, गुणवत्ता और उपयोग क्या है?, रिजेक्ट कोल एवं मिडलिंग्स की उत्पन्न मात्रा तथा पावर प्लांटों में वास्तविक उपयोग का हिसाब क्या है?, रिजेक्ट कोल आधारित पावर प्लांटों के ईंधन मिश्रण, खपत, बिजली उत्पादन और ग्रिड इंजेक्शन का मिलान हुआ है या नहीं?, कोलवाशरी एवं पावर प्लांट के स्टॉक, वेटब्रिज, परिवहन और डिस्पैच रिकॉर्ड का स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिट क्यों नहीं कराया जा रहा?, संबंधित इकाइयों के जल प्रदूषण, फ्लाई ऐश, ऐश डाइक, स्लरी एवं अन्य अपशिष्ट प्रबंधन की वैज्ञानिक जांच कब होगी?,SECL के संबंधित क्षेत्रों में कोयला परिवहन, टेंडर, भुगतान, स्टॉक एवं संविदा संबंधी शिकायतों की जांच की स्थिति क्या है? इस पर कार्यवाही की मांग किया गयाजिला संयोजक दिनेश यादव जिलाध्यक्ष सूरजभान दास बैरागी ने कहा कि हमारी मांग है कि Coal Controller Organisation (CCO), SECL, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, खान एवं भूविज्ञान विभाग, जिला प्रशासन तथा अन्य तकनीकी संस्थाओं की संयुक्त टीम गठित कर वास्तविक भौतिक सत्यापन एवं वैज्ञानिक जांच कराई जाए। उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर CBI जांच की आवश्यकता पर निर्णय लिया जाए तथा संयुक्त SIT गठन की मांग पर भी कार्रवाई हो।

प्रदेश उपाध्यक्ष विन्देश सिंह राठौर प्रदेश सचिव मुकेश भारतीय ने कहा कि दिनांक 23 सितंबर 2026 को SECL मुख्यालय, बिलासपुर में आयोजित धरना-आंदोलन के दौरान ही यह घोषणा की गई थी कि यदि ACB ग्रुप एवं SECL से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो 22 अक्टूबर के बाद छत्तीसगढ़ में आने वाले केंद्रीय मंत्रियों एवं केंद्रीय अधिकारियों के समक्ष काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
इसी पूर्व घोषणा के क्रम में 3 नवंबर 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के समापन समारोह के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के प्रस्तावित रायपुर आगमन के दौरान काले झंडे दिखाकर लोकतांत्रिक विरोध दर्ज किया जाएगा है।

उन्होंने कहा कि यह ACB ग्रुप एवं SECL से संबंधित जनहित शिकायतों पर कार्रवाई की मांग को केंद्र सरकार तक पहुंचाने का लोकतांत्रिक माध्यम है।
जिस कंपनी के परिसर में 6.50 लाख अवैध कोयला जब्त हुआ वाशरी ,पावर प्लांट और कटाघर सिल किया गया उस पर आखिर सरकार की मेहरबानी क्यों है कोल लेवी पहले 25 रुपए टन वसुली हुआ जिस पर कलेक्टर एसपी खनिज अधिकारी और कई उद्योगपति जेल गए वही आज 100 रुपए वसुली हो रहा है जिस वाशरीयो,लिंकेज डियो धारको ने पैसा दिया उस पर कार्यवाही क्यों नही हो रहा है इसके विरोध प्रशासन में गृहमंत्री को काला झंडा दिखाया जाएगा।
प्रवक्ता कृष्णा टंडन ने धरना को संबोधित कर कहा कि हमारे मांग है ACB ग्रुप की सभी संबंधित कोलवाशरियों एवं पावर प्लांटों की स्थापना से वर्तमान तक स्वतंत्र तकनीकी जांच हो ,कोयला लिंकेज, उच्च गुणवत्ता वाले कोयले, रिजेक्ट कोल एवं मिडलिंग्स का संपूर्ण Material Balance ऑडिट किया जाए, रिजेक्ट कोल आधारित पावर प्लांटों के वास्तविक ईंधन उपयोग एवं बिजली उत्पादन का सत्यापन हो रिजेक्ट कोल के जगह लिंकेज से कोयला पवार प्लांटो में 1 करोड़ टन से अधिक कैसे जा रहा है, जल, वायु, फ्लाई ऐश, स्लरी एवं पर्यावरणीय अनुपालना की वैज्ञानिक जांच हो ,MCCPL, रतिजा कोलवाशरी एवं बंधाखार 1×300 MW पावर प्लांट के अभिलेखों का समग्र फोरेंसिक ऑडिट,SECL संबंधी शिकायतों की स्वतंत्र जांच पर CBI जांच एवं संयुक्त SIT गठन की गठन किया जाए,दोषी अधिकारियों एवं संबंधित संस्थाओं के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई।

युवा नेता अनुसूचित जाति प्रदेश संयोजक हेमंत पैगवार ने कहा कि कोरबा देश के प्रमुख कोयला एवं ऊर्जा क्षेत्रों में शामिल है। यहां के कोयले, जल, भूमि, पर्यावरण और सार्वजनिक संसाधनों से जुड़े प्रत्येक मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य है। जनहित में उठाए गए सवालों का जवाब जांच और सरकारी रिकॉर्ड से मिलना चाहिए धरना में प्रभु कश्यप,पुष्पेंद्र यादव,गंगा प्रसाद,संतोष कुमार,बजरंग रत्नाकर,शिव कुमार, छतराम यादव,सुनील कुमार,खिलेश्वर कश्यप, भीम यादव,संतोष यादव,अजय सूर्यवंशी,संतोष बेरेट,सूरज दास महंत,सुनील कंवर,प्रमोद मरकाम,तरुण कश्यप,किरण कवर,सरोज सारथी,रजत पैग्वर,सतीश कुमार,आशीष पैगवार गीतेश कुमार ,अनुराग पैगवार सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता पदाधिकारी उपस्थित थे l

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