जिला अस्पताल जांजगीर में अव्यवस्थाओं का बोलबाला, मरीज भगवान भरोसे,,
जिला अस्पताल में अनुभवी चिकित्सको की जरूरत आखिर कब होगा पूरा क्षेत्र की जनता पूछ रही सवाल,,

जिला अस्पताल जांजगीर में अव्यवस्थाओं का बोलबाला, मरीज भगवान भरोसे
जिला अस्पताल में अनुभवी चिकित्सको की जरूरत आखिर कब होगा पूरा क्षेत्र की जनता पूछ रहा सवाल
जांजगीर-चांपा।रिपोर्ट कृष्णा टण्डन। जिला अस्पताल जांजगीर-चांपा में इन दिनों अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि मरीजों को इलाज के लिए घंटों भटकना पड़ रहा है। आरोप है कि चिकित्सक समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचते, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अस्पताल परिसर में बीते दिनों बिजली आपूर्ति बाधित होने से अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। लाइट बंद होने के कारण वार्डों में भर्ती मरीजों को असुविधा हुई, वहीं जांच व अन्य जरूरी सेवाएं भी प्रभावित रहीं। परिजनों का कहना है कि ऐसी स्थिति में अस्पताल प्रबंधन की तत्परता नदारद रही। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ.कात्यायनी सिंह के समय पर नहीं पहुंचने की शिकायतें भी सामने आई हैं। मरीजों का आरोप है कि डॉक्टर के देर से आने के कारण कई मरीज बिना इलाज के ही लौटने को मजबूर होते हैं। बीते रात की मामला एक महिला को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाया गया दो महिला आरक्षक के द्वारा लेकिन डॉक्टर के नही होने से मेडीकल परीक्षण नही हो पाया और आज सुबह भी चिकित्सक समय पर नही मरीज भटक रहे थे और सिविल सर्जन के फटकार के बाद मैडम 1 : 30 बजे आई और फिर उसके बाद पीड़िता का मेडिकल परीक्षण किया, आपको बता दे कि सबसे अधिक दिक्कत गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ रही है। जिला अस्पताल में सोनोग्राफी की सुविधा सप्ताह में केवल एक दिन ही उपलब्ध होने से महिलाओं को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। दूर-दराज से आने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए यह व्यवस्था परेशानी का सबब बनी हुई है।

स्थानीय लोगों और मरीजों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल में चिकित्सकों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का स्थायी समाधान किया जाए और सोनोग्राफी सेवाएं सप्ताह में अधिक दिनों तक उपलब्ध कराई जाएं, ताकि जांजगीर-चांपा के मरीजों को राहत मिल सके,,




