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ACB समूह की कोयला वाशरियों एवं ताप विद्युत परियोजनाओं के कोयला लिंकेज की सीबीआई जांच मांग — एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर के सामने धरना

ACB समूह की कोयला वाशरियों एवं ताप विद्युत परियोजनाओं के कोयला लिंकेज की सीबीआई जांच मांग — एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर के सामने धरना

बिलासपुर। ब्यूरो रिपोर्ट। भारतीय जनाधिकार पार्टी, छत्तीसगढ़ ने ACB समूह की दीपका, गेवरा, कुसमुंडा, चकाबुरा, रतिजा, रेंकी, बिंझारी तथा संबद्ध कोयला वाशरियों, ताप विद्युत परियोजनाओं, कोयला परिवहन एवं रेलवे साइडिंग से संबंधित उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर वर्ष 1999 से वर्तमान तक सीबीआई जांच, उच्चस्तरीय विशेष जांच दल, बहु-विभागीय न्यायिक/तकनीकी जांच, वित्तीय एवं डिजिटल फोरेंसिक लेखा-परीक्षण तथा भौतिक सत्यापन की मांग की है। भारतीय जनाधिकार पार्टी के पदाधिकारी संयोजक अध्यक्ष दीपक दुबे उपाध्यक्ष महामंत्री संगठन संजय सिंह,महामंत्री प्रशासनिक शैलेन्द्र कुमार गोपाल सचिव दिनेश यादव युवा मोर्चा संयोजक अध्यक्ष संजय रत्नाकर हेमंत पैगवार असद खान ने प्रेस को बताया कि पूर्व में 18 अगस्त को कार्यवाही के मांग पर धरना प्रदर्शन एसईसीएल दीपका में दिया गया था आगे कार्यवाही नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन को आगे बढ़ाते हुवे 23 सितम्बर को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर के सामने धरना प्रदर्शन कर सी एम डी के माध्यम से ज्ञापन राष्ट्रपति महोदय प्रधानमंत्री कंदीय गृहमंत्री केंद्रीय कोयला मंत्री कैबिनेट सचिव सीबीआई, एसीबी ईओडब्लू एवं संबंधित विभागों के नाम दी जाएगी यह मामला केवल किसी एक वाशरी या प्रदूषण की घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि कोयला खरीद, वाशरी संचालन, कच्चे एवं रिजेक्ट कोयले का परिवहन, कोयला लेखांकन, रेलवे साइडिंग, तौल कांटा, ताप विद्युत संयंत्रों में ईंधन उपयोग, राख एवं गाद निस्तारण, जल दोहन, औद्योगिक डीजल-बायोडीजल, कर लाभ तथा डिजिटल अभिलेखों की पूरी व्यवस्था की जांच का विषय है। दुबे ने बताया कि यह अरबों खरबो रुपए के कोयला रिजेक्ट कोल एवं उच्च गुणवत्ता के कोयला की आफरा तफरी के मामला है उद्योगों के क्षमता विस्तार और कोयले के वास्तविक हिसाब की जांच होनी चाहिए प्रत्येक वाशरी में स्वीकृत क्षमता और वास्तविक उत्पादन/कोयला प्रसंस्करण का वर्षवार मिलान कराया जाए। पर्यावरण स्वीकृति, सहमति पत्र, पर्यावरण प्रभाव आकलन, जनसुनवाई तथा ग्रामसभा/पेसा प्रावधानों के अनुरूप क्षमता विस्तार हुआ या नहीं, इसकी जांच हो।

विशेष रूप से कच्चा कोयला,धुला कोयला → मध्यवर्ती उत्पाद उच्च/निम्न, ऊष्मीय रिजेक्ट गाद/सूक्ष्म कण परिवहन अंतिम भंडार का वैज्ञानिक हिसाब कराया जाए।
प्रतिवर्ष उपलब्ध अभिलेखों में एक करोड़ टन से अधिक कच्चे/रिजेक्ट कोयले का परिवहन पवार प्लांट में होता है, जबकि एसीबी के सभी पवार प्लांट रिजेक्ट कोल से चलाने के अनुमति है तो डियो शक्ति के एक करोड टन कोयला कहा जा रहा है तो प्रत्येक टन का स्रोत, वाशरी, प्रसंस्करण, रिजेक्ट उत्पादन, परिवहन, प्राप्तकर्ता और वास्तविक उपयोग निर्धारित कर इस पर सीबीएसई एस आईटी जांच भौतिक सत्यापन की जाए।
खदान से वाशरी, वाशरी से रेलवे/सड़क और वहां से ताप विद्युत संयंत्र तक पूरी श्रृंखला का स्वतंत्र मिलान कराया जाए।
रिजेक्ट कोयले के नाम पर मूल्यवान कोयले के विचलन की जांच
रिजेक्ट कोयले की गुणवत्ता, ऊष्मीय मान, नमूना परीक्षण, भंडार, प्रेषण एवं अंतिम उपयोग का स्वतंत्र परीक्षण हो। यह भी जांच हो कि कहीं उपयोगी कोयले को रिजेक्ट श्रेणी में दर्शाकर उसका अन्यत्र उपयोग अथवा विचलन तो नहीं किया गया।

ताप विद्युत संयंत्रों में ईंधन और उत्पादन का मिलान हो
संबद्ध ताप विद्युत संयंत्रों में घोषित ईंधन व्यवस्था, वास्तविक कोयला प्राप्ति, भट्ठी में ईंधन उपयोग, बिजली उत्पादन और राख उत्पादन का स्वतंत्र फोरेंसिक मिलान कराया जाए।

कोयला परिवहन और तौल व्यवस्था की डिजिटल जांच
तौल कांटा, सर्वर, कच्चे अभिलेख, जीपीएस, फास्टैग, आरएफआईडी, एएनपीआर, सीसीटीवी, वाहन पंजी, रेलवे रेक एवं प्रेषण अभिलेखों की डिजिटल जांच हो तथा फर्जी वाहन, दोहरी प्रविष्टि, काल्पनिक यात्राएं, गलत तौल एवं कोयला मात्रा में हेरफेर की संभावना का परीक्षण किया जाए।

नदी, नालों और भूजल की स्वतंत्र जांच
औद्योगिक इकाइयों द्वारा किए जा रहे भूजल एवं सतही जल दोहन, गाद/अपशिष्ट निस्तारण तथा नदी-नालों को प्रदूषित किया जा रहा है खोलार नदी, अहिरन नदी आस पास के नदी नालों की वैज्ञानिक जांच हो। प्रभावित जल स्रोतों के ऊपरी एवं निचले हिस्से से नमूने लेकर स्वतंत्र मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से परीक्षण कराया जाए।

दस किलोमीटर क्षेत्र में प्रदूषण और जनस्वास्थ्य का सर्वेक्षण
वाशरियों, ताप विद्युत संयंत्रों, रेलवे साइडिंग और भारी कोयला परिवहन से प्रभावित लगभग 10 किलोमीटर क्षेत्र में वायु, धूल, राख, शोर, भूजल, कृषि भूमि तथा जनस्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव का स्वतंत्र वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्य सर्वेक्षण कराया जाए।

पेसा, ग्रामसभा, जंगल और जमीन की जांच
जहां पेसा प्रावधान लागू होते हैं, वहां ग्रामसभा की वास्तविक कार्यवाही, सहमति एवं परियोजना विस्तार संबंधी अभिलेखों का सत्यापन हो। साथ ही औद्योगिक गतिविधियों में प्रयुक्त भूमि, वन एवं सामुदायिक संसाधनों के उपयोग तथा अतिक्रमण/अनधिकृत उपयोग की जांच की जाए।
औद्योगिक डीजल और बायोडीजल की 2015 से जांच 01 जनवरी 2015 से वर्तमान तक औद्योगिक डीजल/एचएसडी और बायोडीजल की खरीद, भंडारण, टैंकर परिवहन और वाहनों में उपयोग का वर्षवार मिलान कराया जाए अन्य राज्यों से बायोडीजल मंगाकर उपयोग किए जाने संबंधी प्राप्त शिकायत की भी स्वतंत्र जांच की जाए।

एसीबी ग्रुप को मिले कर छूट और सरकारी प्रोत्साहनों की जांच वर्ष 2015 से वर्तमान तक संबंधित कंपनियों को प्राप्त कर छूट, औद्योगिक प्रोत्साहन, विद्युत शुल्क में छूट, निवेश अथवा परिवहन संबंधी लाभ का वर्षवार परीक्षण हो और यह देखा जाए कि लाभ प्राप्त करने के लिए दिए गए विवरण वास्तविक अभिलेखों से मेल खाते हैं या नहीं।

श्रमिकों के अधिकार और सुरक्षा की जांच हो वाशरी, परिवहन, रेलवे साइडिंग और ताप विद्युत संयंत्रों में कार्यरत श्रमिकों के वेतन, न्यूनतम मजदूरी, भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा, सुरक्षा उपकरण, स्वास्थ्य परीक्षण, दुर्घटना अभिलेख एवं ठेका श्रम संबंधी अनुपालन की जांच कराई जाए।

कंपनी के साथ संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो वर्षों से इतनी बड़ी औद्योगिक गतिविधियां संचालित होती रहीं, तो संबंधित एसईसीएल, पर्यावरण, खनन, राजस्व, वन, श्रम, जल संसाधन एवं अन्य नियामक विभागों द्वारा किए गए निरीक्षण और कार्रवाई की भी जांच हो। जांच केवल कंपनी तक सीमित न रहे।
डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए जाएं
तत्काल तौल कांटा सर्वर, जीपीएस, फास्टैग, एएनपीआर, सीसीटीवी, आरएफआईडी, ओसीईएमएस/सीईएमएस, ईआरपी/एसएपी, ईंधन अभिलेख, रेलवे रिकॉर्ड एवं वित्तीय डिजिटल डेटा सुरक्षित रखने के निर्देश दिए जाएं, ताकि किसी प्रकार के अभिलेख मिटाने या बदलने की संभावना न रहे।
इन सभी मांगों को लेकर 23 सितंबर 2026 को प्रातः 11:00 बजे से एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर के समक्ष शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर सीबीआई एसआईटी जांच की मांग किया जाएगा।
आज भी एसईसीएल में कोल लेवी के खेल चल रहा है पहले 25 रुपए था आज 50 रुपए हो गया है एसईसीएल के सभी 13 खदानों के 2018 से आज दिनांक तक जांच की मांग CSR मद सहित अन्य कार्यों खरीदी बिक्री सामनों के जांच ओबी कार्य के भुगतान सहित अन्य कार्यों के मांग को लेकर धरना प्रदर्शन की जाएगी

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