पटाखा बाजार में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, 50 स्टॉल एक साथ जोड़कर बनाए जा रहे,,
न स्टॉलों के बीच पर्याप्त दूरी, न सुरक्षित निर्माण की व्यवस्था, तिरपाल के ढांचे से हादसे की आशंका,,

पटाखा बाजार में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, 50 स्टॉल एक साथ जोड़कर बनाए जा रहे
न स्टॉलों के बीच पर्याप्त दूरी, न सुरक्षित निर्माण की व्यवस्था, तिरपाल के ढांचे से हादसे की आशंका
जांजगीर-चांपा। रिपोर्ट कृष्णा टण्डन। दीपावली से पहले चांपा नगर स्थित भालेराय मैदान में पटाखा बाजार सजाने की तैयारी चल रही है। यहां पटाखा की बिक्री के लिए करीब 50 स्टॉल बनाए जा रहे हैं, लेकिन इनके निर्माण को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि पटाखा स्टॉलों के बीच निर्धारित दो से तीन फीट की दूरी रखे जाने के बजाय सभी स्टॉलों को एक-दूसरे से जोड़कर एक साथ बनाया जा रहा है। वहीं स्टॉलों के निर्माण में तिरपाल का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में आगजनी की स्थिति में एक स्टॉल से दूसरे स्टॉल तक आग फैलने का खतरा बढ़ सकता है। पटाखों की बिक्री जैसे संवेदनशील कारोबार में इस तरह की व्यवस्था किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।

मामले में चांपा एसडीएम शशि चौधरी से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि यदि स्टॉल सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं बनाए जा रहे हैं तो तत्काल आवश्यक सुधार के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने नगर पालिका सीएमओ से भी जानकारी लेने की बात कही।
वहीं जिला होमगार्ड कमांडेंट योग्यता साहू ने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने की जानकारी मिलने पर टीम भेजकर जांच कराई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल यह है कि जब पटाखा बाजार में करीब 50 स्टॉल लगाए जा रहे हैं तो निर्माण के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं कराया जा रहा है? क्या प्रशासन किसी अनहोनी का इंतजार कर रहा है या दीपावली से पहले व्यवस्था में सुधार होगा?




