श्री कृष्ण जन्म की कथा सुन भाव विभोर हुए खरकेना के श्रद्धालु, पूरा पंडाल जयकारों से गूंजा

बिलासपुर। समर्पण महिला समूह ग्राम खरकेना तत्वाधान में श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का आयोजन मां महामाया मंदिर के पास पुराना बाजार चौक में किया जा रहा है। कथावाचक के रूप में उमरेली (चाम्पा) से पधारे आचार्य पंडित श्री बालकृष्ण पाण्डेय मुखारविंद से भगवान के विभिन्न चरित्रों का रसास्वादन किया जा रहा यज्ञाचार्य के रूप में पं.फलेश पाण्डेय द्वारा नित्य पूजन संपन्न कराई जा रही है। गांव के मां महामाया मंदिर के पास पुराना बाजार चौक (हटवारा) पर चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा आयोजन के पंचम दिवस पर आचार्य पंडित बालकृष्ण पाण्डेय ने यह बात कही की श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया। श्रीकृष्ण की जन्म कथा का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे।
कथा व्यास आचार्य बालकृष्ण पाण्डेय ने बताया कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई, तो उसे अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। भगवान की लीला वे स्वयं ही समझ सकते हैं। भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और भगवान श्रीकृष्ण गोकुल पहुंच गए। व्यास महाराज ने कहा कि जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धरती पर अवतरित होते हैं। जैसे ही कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ पूरा पंडाल जयकारों से गूंजने लगा। श्रीकृष्ण जन्म उत्सव पर नन्द के आनंद भयो जय कन्हैयालाल की भजन प्रस्तुत किया तो श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर जमकर झूमे। एक-दूसरे को श्रीकृष्ण जन्म की बधाईयां दी गई, एक-दूसरे को खिलौने और मिठाईयां बाटी गई। कथा महोत्सव में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भजन प्रदुम कर भगवान श्री कृष्ण के जन्म की खुशियां मनाई। समर्पण महिला समूह द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण में परीक्षित की भूमिका में श्रीमती जानकी गोविंद कौशिक अपने कंधे में बीड़ा उठाए हुए हैं। यज्ञ का आयोजन 5 दिसंबर से 13 दिसंबर तक किया जा रहा जो गौरवशाली 14 वर्षों से निरंतर से श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा ग्राम खरकेना में प्रवाहित हो रही है।




